पडरौना में विकास की नई उड़ान: गायत्री मंदिर पुल होगा 4-लेन, क्षेत्रवासियों को मिलेगा जाम से राहत
पडरौना में विकास की नई उड़ान: गायत्री मंदिर पुल होगा 4-लेन, क्षेत्रवासियों को मिलेगा जाम से राहत
पडरौना। अब उस पुल पर जाम में नहीं फँसना पड़ेगा, जहाँ सुबह-शाम लोगों की निकलती थी। कुशीनगर के पडरौना नगर और आसपास के लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है – गायत्री मंदिर वाले पुल को अब 2 लेन से बढ़ाकर 4 लेन बनाया जाएगा।
हाँ, यही वह पुल है, जहाँ स्कूली बच्चे, अस्पताल जाने वाले मरीज़, दुकानदार और गाँवों से आने वाले लोग – सब परेशान रहते थे। अब भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इस पुल के चौड़ीकरण और नवनिर्माण के लिए हरी झंडी दे दी है। यानी पैसे की मंजूरी भी आ गई है।
स्थानीय लोग बताते हैं कि इस पुल की हालत बहुत दिनों से खराब हो रही थी, ऊपर से रोज़ का जाम। एक दुकानदार ने बताया, "भाई, सुबह के वक़्त तो बसें भी आधे घंटे खड़ी रहती थीं। अब चार लेन होगा तो साँस तो आएगी।"
बात करें तो स्कूल वालों की – पुल के दोनों तरफ कई निजी और सरकारी स्कूल हैं। छोटे बच्चों को पार करवाना बड़ा मुश्किल हो जाता था। एक स्कूल टीचर ने बताया – "अक्सर पेरेंट्स फोन करते थे कि बच्चा फँस गया है। अब उम्मीद है कि जल्दी ही रास्ता ठीक होगा।"
बताया जा रहा है कि यह सब राज्यसभा सांसद आर.पी.एन. सिंह (RPN Singh) की लगातार कोशिशों का नतीजा है। उन्होंने केंद्र सरकार के सामने यह मुद्दा बार-बार उठाया और आखिर में मंजूरी निकलवा ली।
सांसद साहब ने खुद कहा है – "पडरौना की जनता की जो माँग थी, वह वर्षों पुरानी थी। अब वह पूरी हो रही है। यह पुल आने वाले समय में जिले के विकास का प्रतीक बनेगा।" उनका कहना है कि केंद्र सरकार क्षेत्र के बुनियादी ढाँचे पर लगातार काम कर रही है।
इस खबर के बाद से पडरौना के व्यापारी भी काफी उत्साहित हैं। एक दुकानदार ने बताया, "पुल चौड़ा होगा तो सामान की ढुलाई भी आसान होगी, बाज़ार तक लोग जल्दी पहुँचेंगे। व्यापार को ज़रूर फायदा होगा।"
वैसे तो लोगों का कहना है कि अब काम जल्दी शुरू होना चाहिए। फिलहाल काम शुरू करने का टेंडर प्रोसेस चलेगा, लेकिन मंजूरी मिल चुकी है तो अब देर नहीं लगेगी।
सीधी-सी बात है – अब जाम कम लगेगा। स्कूली बच्चों, मरीजों और ऑफिस जाने वालों का समय बचेगा। आसपास के ग्रामीण इलाकों से जो लोग रोज़ शहर आते हैं, उनकी आवाजाही आसान होगी। आने वाले समय में अगर और गाड़ियाँ बढ़ती हैं, तब भी ये पुल काफी साबित होगा।
पडरौना शहर तेज़ी से बढ़ रहा है। यहाँ बिल्डिंगें, कॉलोनियाँ, बाज़ार – सब फैल रहा है। ऐसे में अगर इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत नहीं होगा तो सब अटक जाएगा। यह पुल उसी दिशा में एक बड़ा कदम है।
फिलहाल लोगों ने सांसद और प्रशासन का शुक्रिया अदा किया है। मगर सभी की नज़रें अब इस बात पर टिकी हैं कि काम कब शुरू होता है और कब पुल चार लेन का होकर लोगों के काम आता है।
एक बुजुर्ग ने मुस्कुराकर कहा – "बस अब देर न करें, पुलिया तो बन जाए। हमारा तो जी ही खुश हो गया ये खबर सुनकर।"
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