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बाल शक्ति पुरस्कार 2026: चित्रकूट के होनहार बच्चों के लिए सुनहरा मौका, ऐसे करें आवेदन

बाल शक्ति पुरस्कार 2026: चित्रकूट के होनहार बच्चों के लिए सुनहरा मौका, ऐसे करें आवेदन

बाल शक्ति पुरस्कार 2026: चित्रकूट के होनहार बच्चों के लिए सुनहरा मौका, ऐसे करें आवेदन

चित्रकूट। अगर आपके घर में कोई बच्चा किसी भी क्षेत्र में कुछ ऐसा कर गुजरा है कि पूरे इलाके में उसकी चर्चा हो रही है, तो यह खबर सिर्फ आपके लिए है। भारत सरकार ने उन्हीं बच्चों के लिए बाल शक्ति पुरस्कार 2026 की शुरुआत की है और चित्रकूट जिले के सभी पात्र बच्चे इसमें आवेदन कर सकते हैं।

बस एक शर्त है – बच्चे की उम्र 5 से 18 साल के बीच होनी चाहिए। इससे कम या ज्यादा उम्र के बच्चों का नामांकन नहीं लिया जाएगा।

क्या है बाल शक्ति पुरस्कार?

बहुत से लोग नहीं जानते, लेकिन यह पुरस्कार पहले 'राष्ट्रीय बाल पुरस्कार' के नाम से जाना जाता था। साल 2018 में सरकार ने इसका नाम बदलकर 'बाल शक्ति पुरस्कार' रख दिया। यानी यह कोई नई योजना नहीं है, बल्कि 1996 से चली आ रही एक परंपरा का नया रूप है।

यह पुरस्कार हर साल उन बच्चों को दिया जाता है जिन्होंने किसी न किसी रूप में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया हो। चाहे वह पढ़ाई हो, खेल हो, कला हो, विज्ञान हो, समाज सेवा हो, बहादुरी हो या फिर पर्यावरण बचाने का जुनून। हर क्षेत्र को इसमें जगह दी गई है।

क्यों दिया जाता है यह पुरस्कार?

सीधी सी बात है – बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए। अक्सर देखा गया है कि छोटे शहरों और गांवों के बच्चों के पास अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच नहीं मिल पाता। यह पुरस्कार उसी कमी को पूरा करता है। सरकार चाहती है कि कोई भी होनहार बच्चा पीछे न रह जाए।

इसके अलावा, यह पुरस्कार दूसरे बच्चों के लिए भी प्रेरणा का काम करता है। जब एक बच्चा पुरस्कार पाता है, तो उसके आसपास के और भी बच्चे कुछ कर गुजरने की ठान लेते हैं।

बाल शक्ति पुरस्कार में मिलता क्या है?

यह सवाल हर माता-पिता के मन में आता है। तो सुनिए – पुरस्कार पाने वाले हर बच्चे को एक लाख रुपये नकद दिए जाते हैं। साथ ही दस हजार रुपये का किताबें खरीदने के लिए वाउचर, एक मेडल और प्रमाणपत्र भी दिया जाता है।

लेकिन इससे भी बड़ी बात यह है कि इन बच्चों को गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल होने का मौका मिलता है। दिल्ली में प्रधानमंत्री के हाथों सम्मान पाना – यह उनके जीवन का सबसे यादगार दिन होता है।

किन-किन क्षेत्रों में मिलता है पुरस्कार?

सरकार ने अलग-अलग क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने वाले बच्चों के लिए अलग-अलग श्रेणियां बना रखी हैं। आइए आपको बताते हैं:

  • कला और संस्कृति: गाना, बजाना, नृत्य करना, चित्रकारी करना, मूर्ति बनाना – जिस बच्चे ने इनमें से किसी भी कला में उल्लेखनीय काम किया हो, वह आवेदन कर सकता है।

  • बहादुरी: अगर किसी बच्चे ने अपनी जान की परवाह किए बिना किसी की जान बचाई हो या किसी मुश्किल वक्त में साहस दिखाया हो, तो यह उसके लिए मौका है।

  • खेल: जिला, राज्य, राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में नाम कमाने वाले बच्चे भी आवेदन कर सकते हैं।

  • विज्ञान और तकनीक: अगर किसी बच्चे ने कोई नई चीज बनाई हो या कोई नया तरीका खोजा हो, तो यह श्रेणी उसके लिए है।

  • समाज सेवा: बाल विवाह, शराब, यौन शोषण जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाने वाले बच्चे इसमें शामिल हो सकते हैं।

  • पर्यावरण: पेड़-पौधे लगाना, जल बचाना, प्लास्टिक कम करना – अगर किसी बच्चे ने पर्यावरण के लिए कुछ किया है तो वह भी इस पुरस्कार का हकदार है।

कैसे करें आवेदन? यहाँ देखें पूरा तरीका

आवेदन कैसे करें? 

पहला : सबसे पहले awards.gov.in वेबसाइट पर जाएं। यह सरकार का आधिकारिक पोर्टल है।

दूसरा : वहां प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार या बाल शक्ति पुरस्कार का लिंक ढूंढें और उस पर क्लिक करें।

तीसरा: अपना नाम, पता, उम्र, पढ़ाई और उपलब्धि से जुड़ी सारी जानकारी भरें।

चौथा: अपनी उपलब्धि के प्रमाण पत्र, अखबारों की कटिंग, किसी बड़े अधिकारी या शिक्षक की सिफारिश – ये सारे दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें।

पांचवां : फॉर्म जमा कर दें। बस इतना सा काम है।

कब तक करना है आवेदन?

जल्दी करिएगा, क्योंकि आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। इसके बाद का कोई भी आवेदन नहीं माना जाएगा।

कौन कर सकता है नामांकन?

बच्चे खुद आवेदन कर सकते हैं। उनके माता-पिता या अभिभावक कर सकते हैं। स्कूल और शिक्षक भी कर सकते हैं। यहां तक कि कोई भी नागरिक किसी योग्य बच्चे के लिए सिफारिश कर सकता है। यानी आप चाहें तो किसी पड़ोसी या रिश्तेदार के होनहार बच्चे का नामांकन कर सकते हैं।

पुरस्कार पाने वाले बच्चों का चयन कैसे होता है?

सरकार ने इसके लिए एक पूरी प्रक्रिया बना रखी है। सबसे पहले जो आवेदन आते हैं, उन्हें जिला कलेक्टर के पास भेजा जाता है। वह जांच करते हैं कि बच्चे ने जो दावा किया है, वह सच है या नहीं।

फिर अच्छे आवेदनों को राज्य स्तर पर भेजा जाता है और अंत में एक राष्ट्रीय समिति चयन करती है। इस समिति में महिला एवं बाल विकास मंत्री, सचिव और कई विषय विशेषज्ञ होते हैं।

चित्रकूट के बच्चों के लिए क्यों खास है यह अवसर?

देखिए, चित्रकूट जैसे छोटे जिले में बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बहुत कम मंच मिलते हैं। यह पुरस्कार उनके लिए एक बड़ा मंच है। अगर चित्रकूट का कोई बच्चा यह पुरस्कार भी जीत लेता है, तो उसका नाम पूरे देश में हो जाएगा।

पिछले साल भी देशभर से सिर्फ 11 बच्चों को यह पुरस्कार मिला था। तो सोचिए, यह कितना बड़ा सम्मान है।

कुछ जरूरी बातें जो याद रखनी चाहिए

  • आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन होगा, कागज पर कुछ नहीं चलेगा।

  • एक बच्चा एक ही क्षेत्र में आवेदन कर सकता है, सबमें एक साथ नहीं।

  • आवेदन करने के बाद उसका प्रिंट निकालकर जरूर रख लें।

  • अगर किसी तरह की मदद चाहिए तो जिला बाल कल्याण अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

आखिर क्यों करना चाहिए आवेदन?

अक्सर लोग सोचते हैं कि इतने सारे बच्चे आवेदन करते हैं, हमारे बच्चे का चयन कैसे होगा? लेकिन यह सोच सही नहीं है। अगर आपके बच्चे में कुछ है, तो उसे दिखाने का मौका दीजिए। सरकार ने यह मंच बनाया ही इसलिए है।

और भले ही चयन न हो, लेकिन आवेदन करने भर से बच्चे को एक अनुभव मिलता है। वह समझता है कि उसकी मेहनत को सरकार भी देख रही है। यह बात उसके आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा देती है।

तो देर किस बात की? अगर आपके घर में, मोहल्ले में या जान-पहचान में कोई बच्चा है जिसने कुछ कर दिखाया है, तो उसका नामांकन जरूर करिए। हो सकता है कि चित्रकूट का वही बच्चा अगले साल दिल्ली में प्रधानमंत्री के हाथों सम्मान पाने वाला हो।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल: क्या चित्रकूट के बच्चे इस पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकते हैं?
जवाब: हां, बिल्कुल। यह पूरे देश के लिए एक जैसा है। चित्रकूट का कोई भी पात्र बच्चा आवेदन कर सकता है।

सवाल: क्या एक से अधिक बार यह पुरस्कार मिल सकता है?
जवाब: नहीं, एक बच्चे को यह पुरस्कार जीवन में केवल एक बार ही दिया जाता है।

सवाल: क्या पुरस्कार पाने वाले बच्चे को दिल्ली जाना पड़ता है?
जवाब: हां, पुरस्कार वितरण समारोह दिल्ली में होता है, जहां प्रधानमंत्री खुद सम्मानित करते हैं।

सवाल: क्या आवेदन करने के लिए कोई शुल्क है?
जवाब: नहीं, यह पूरी तरह मुफ्त है। किसी तरह का कोई शुल्क नहीं देना होता।

सवाल: अगर ऑनलाइन आवेदन करने में परेशानी हो तो?
जवाब: तो आप जिले के बाल कल्याण विभाग से संपर्क कर सकते हैं। वे आपकी मदद करेंगे।


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दैनिक धमाका पत्रिका ब्यूरो
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Chitrakoot, Uttar Pradesh

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