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13 मई का इतिहास: परमाणु परीक्षण का दूसरा चरण, राज्यसभा की पहली बैठक और डॉ. ज़ाकिर हुसैन का राष्ट्रपति बनना — पूरी जानकारी

13 मई का इतिहास: परमाणु परीक्षण का दूसरा चरण, राज्यसभा की पहली बैठक और डॉ. ज़ाकिर हुसैन का राष्ट्रपति बनना — पूरी जानकारी

13 मई का इतिहास: परमाणु परीक्षण का दूसरा चरण, राज्यसभा की पहली बैठक और डॉ. ज़ाकिर हुसैन का राष्ट्रपति बनना — पूरी जानकारी

नई दिल्ली, 13 मई 2026 (दैनिक धमाका पत्रिका डेस्क): 13 मई... ये वो तारीख है जिसने 1998 में दुनिया को बता दिया था कि भारत अब किसी से कम नहीं। पोखरण में हुए परमाणु परीक्षणों का दूसरा दौर इसी दिन पूरा हुआ था। लेकिन ये सिर्फ एक घटना नहीं है — 13 मई ने भारत के लोकतंत्र, शिक्षा और सम्मान की कई कहानियाँ अपने अंदर समेट रखी हैं।

अगर आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं — चाहे SSC हो, UPPSC या UPSC — तो ये आर्टिकल आपके लिए किसी खज़ाने से कम नहीं। और जो लोग सिर्फ अपनी नॉलेज बढ़ाना चाहते हैं, उनके लिए भी यहाँ बहुत कुछ है।


13 मई 1998: पोखरण का दूसरा धमाका और दुनिया का सन्नाटा

11 मई 1998 को भारत ने राजस्थान के पोखरण में तीन भूमिगत परमाणु परीक्षण किए थे। पूरी दुनिया अभी इस सदमे से उबरी भी नहीं थी कि ठीक दो दिन बाद — 13 मई 1998 को — भारत ने दो और परीक्षण कर दिए। कुल पाँच परीक्षण। और फिर तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने देश के नाम संदेश दिया कि भारत अब एक पूर्ण परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र है।

सबसे हैरान करने वाली बात ये थी कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA की सैटेलाइट निगरानी को भी इसकी भनक नहीं लगी। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और डॉ. आर. चिदंबरम की अगुआई में भारतीय वैज्ञानिकों ने ये कारनामा इतनी गोपनीयता से किया कि दुनिया दाँतों तले उँगली दबा कर रह गई।

13 मई के इन परीक्षणों के तुरंत बाद भारत ने स्वेच्छा से परमाणु परीक्षणों पर रोक (Voluntary Moratorium) लगाने की घोषणा कर दी — एक ऐसा कदम जो भारत की जिम्मेदार शक्ति की छवि को दर्शाता है।


राज्य सभा की पहली बैठक: लोकतंत्र के मंदिर का दूसरा स्तंभ

13 मई की अहमियत सिर्फ परमाणु ताकत तक सीमित नहीं है। लोकतंत्र के इतिहास में भी ये दिन बेहद खास है। 13 मई 1952 को भारतीय संसद के ऊपरी सदन — राज्य सभा — की पहली बैठक हुई थी।

ये बैठक पुराने संसद भवन (जिसे अब संविधान सदन कहा जाता है) में हुई थी। इसकी अध्यक्षता देश के पहले उपराष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने की थी — जो संवैधानिक रूप से राज्य सभा के सभापति होते हैं।

राज्य सभा को 'काउंसिल ऑफ स्टेट्स' भी कहते हैं। ये एक स्थायी सदन (Permanent House) है — मतलब इसे कभी भंग नहीं किया जा सकता। हर दो साल में इसके एक-तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं और नए चुने जाते हैं।


डॉ. ज़ाकिर हुसैन: जब एक शिक्षक बना राष्ट्रपति

13 मई 1967 — ये वो दिन है जब भारत को अपना तीसरा राष्ट्रपति मिला। और इसके साथ ही एक नया इतिहास भी बना — डॉ. ज़ाकिर हुसैन देश के पहले मुस्लिम राष्ट्रपति बने।

लेकिन डॉ. हुसैन की पहचान सिर्फ इतनी भर नहीं थी। वो एक बेहतरीन शिक्षाविद् थे। जामिया मिलिया इस्लामिया जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय के संस्थापकों में से एक। इससे पहले वो बिहार के राज्यपाल और देश के उपराष्ट्रपति भी रहे। 1963 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

दुर्भाग्य से 3 मई 1969 को पद पर रहते हुए ही उनका निधन हो गया। वो ऐसे पहले और एकमात्र राष्ट्रपति हैं जिनकी मृत्यु कार्यकाल के दौरान हुई।


13 मई की दूसरी बड़ी घटनाएँ — एक नज़र में

वर्ष घटना महत्व
1846 अमेरिका-मैक्सिको युद्ध की शुरुआत अमेरिकी कांग्रेस ने मैक्सिको के विरुद्ध युद्ध की घोषणा की। दो साल चले इस युद्ध में अमेरिका ने कैलिफोर्निया, नेवादा, यूटा जैसे बड़े राज्य हासिल किए।
1888 ब्राज़ील में गुलामी प्रथा का पूर्ण अंत राजकुमारी इसाबेल ने 'गोल्डन लॉ' पर दस्तखत कर ब्राज़ील से गुलामी प्रथा को हमेशा के लिए खत्म कर दिया।
1962 पहले राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भारत सरकार ने पहली बार ये सम्मान प्रदान किए, जो आज भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा सरकारी पुरस्कार हैं।
1981 पोप जॉन पॉल द्वितीय पर जानलेवा हमला वेटिकन सिटी में एक तुर्की बंदूकधारी ने पोप पर चार गोलियाँ चलाईं। पोप बुरी तरह घायल हुए पर बच गए। बाद में उन्होंने हमलावर को माफ कर दिया।

13 मई को जन्में चर्चित लोग

  • 1905 — फकीर मोहन सेनापति: उड़िया साहित्य के जनक। इनकी कहानियाँ और उपन्यास आज भी पढ़े जाते हैं।
  • 1913 — बाल गंधर्व: मराठी रंगमंच के बेताज बादशाह। नारायणराव राजहंस इनका असली नाम था।
  • 1916 — बलराज साहनी: हिंदी सिनेमा के बेहतरीन अभिनेताओं में से एक। 'दो बीघा ज़मीन' के लिए हमेशा याद किए जाएँगे।

13 मई 2026 पर खास बात

इस बार 13 मई 2026 का दिन और भी खास है। आज बुद्ध पूर्णिमा (Vesakh) है — भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण का पवित्र दिन। उत्तर प्रदेश के सारनाथ, कुशीनगर और बिहार के बोधगया में बड़े आयोजन होंगे।

साथ ही पोखरण परीक्षणों की 28वीं वर्षगांठ भी है। स्कूल-कॉलेजों में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस से जुड़े कार्यक्रम चल रहे हैं।


परीक्षार्थियों के लिए खास (SSC/UPPSC/UPSC)

प्रश्न 1: 13 मई 1998 को पोखरण में कितने परमाणु परीक्षण हुए थे?
उत्तर: दो परीक्षण। (11 मई को तीन, कुल पाँच परीक्षण 'ऑपरेशन शक्ति' के तहत हुए।)

प्रश्न 2: राज्य सभा की पहली बैठक कब और किसकी अध्यक्षता में हुई?
उत्तर: 13 मई 1952, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की अध्यक्षता में।

प्रश्न 3: भारत के पहले मुस्लिम राष्ट्रपति कौन थे और उनका कार्यकाल कब शुरू हुआ?
उत्तर: डॉ. ज़ाकिर हुसैन, 13 मई 1967।

प्रश्न 4: पद पर रहते हुए निधन होने वाले पहले भारतीय राष्ट्रपति कौन थे?
उत्तर: डॉ. ज़ाकिर हुसैन (3 मई 1969)।


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Disclaimer: यह लेख विभिन्न ऐतिहासिक स्रोतों और सरकारी वेबसाइटों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। 

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दैनिक धमाका पत्रिका ब्यूरो
NA

Chitrakoot, Uttar Pradesh

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