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19 मई का इतिहास: जब जमशेदजी टाटा ने ली अंतिम साँस, नीलम संजीव रेड्डी बने राष्ट्रपति और असम की धरती पर बोली गई गोली भाषा के लिए

19 मई का इतिहास: जब जमशेदजी टाटा ने ली अंतिम साँस, नीलम संजीव रेड्डी बने राष्ट्रपति और असम की धरती पर बोली गई गोली भाषा के लिए

19 मई का इतिहास: जब जमशेदजी टाटा ने ली अंतिम साँस, नीलम संजीव रेड्डी बने राष्ट्रपति और असम की धरती पर बोली गई गोली भाषा के लिए

पिछले दिनों मैं चित्रकूट के एक स्कूल में बच्चों से मिलने गया था। वहाँ दीवार पर लिखा देखा — "जो सपने देखते हैं, वो इतिहास रचते हैं।" और ये बात 19 मई पर बिल्कुल सटीक बैठती है। एक तरफ ये तारीख उस शख्स की याद दिलाती है जिसने भारत के उद्योग जगत को दुनिया के नक्शे पर ला खड़ा किया — जमशेदजी टाटा। दूसरी तरफ ये उस नेता की जन्म तिथि है जो आगे चलकर देश के छठे राष्ट्रपति बने — नीलम संजीव रेड्डी। और इन सबके बीच असम की बराक घाटी में 1961 में कुछ ऐसा हुआ जिसने भाषा के लिए जान देने की परंपरा को एक नया अध्याय दे दिया।

आज की इस रिपोर्ट में हम 19 मई के हर उस पहलू को छूने की कोशिश करेंगे जो न सिर्फ इतिहास प्रेमियों के लिए, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं (SSC, UPSC, UPPSC) की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए भी बेहद काम का है।


जमशेदजी टाटा: वो शख्स जिसने सोते हुए भारत को जगाया

19 मई 1904। जर्मनी के नॉहेम शहर में एक भारतीय ने अंतिम साँस ली। उम्र महज 65 साल थी। लेकिन जब वो गए तो पीछे छोड़ गए एक ऐसा सपना जिसने आने वाले सौ सालों में भारत की तस्वीर बदलकर रख दी। वो शख्स थे — जमशेदजी नसरवानजी टाटा

कहते हैं कि जमशेदजी के दिमाग में भारत को औद्योगिक ताकत बनाने का खाका तब ही तैयार था जब देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा था। उन्होंने मुंबई और नागपुर में सूती मिलें लगाईं। फिर सोचा कि देश को अपना स्टील चाहिए। नतीजा — टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी, जो आगे चलकर टाटा स्टील बनी। उन्होंने ही जमशेदपुर शहर बसाया, जो आज भी भारत का पहला सुनियोजित औद्योगिक शहर माना जाता है।

जमशेदजी को "भारतीय उद्योग का जनक" कहा जाता है। और ये कोई बढ़ा-चढ़ाकर कही गई बात नहीं है। जब अंग्रेज़ सोचते थे कि भारतीय सिर्फ क्लर्क बन सकते हैं, तब जमशेदजी ने दुनिया को दिखा दिया कि भारतीय उद्योगपति भी बन सकते हैं — और वो भी विश्व स्तर के।

दिलचस्प बात ये है कि जमशेदजी टाटा का जन्म 3 मार्च 1839 को नवसारी, गुजरात में एक पारसी परिवार में हुआ था। उनके पिता नसरवानजी टाटा खुद एक छोटे व्यापारी थे। जमशेदजी ने एलफिंस्टन कॉलेज, मुंबई से पढ़ाई की और फिर पिता के कारोबार में हाथ बँटाने लगे। लेकिन उनकी नज़र हमेशा कुछ बड़ा करने पर थी।

आज टाटा समूह 100 से ज़्यादा कंपनियों का एक विशाल साम्राज्य है। लेकिन इसकी नींव एक अकेले आदमी ने रखी थी, जिसने 19 मई 1904 को दुनिया को अलविदा कह दिया।


नीलम संजीव रेड्डी: आंध्र की मिट्टी से रायसीना हिल्स तक

19 मई 1913 को मद्रास प्रेसिडेंसी (अब आंध्र प्रदेश) के इल्लुर गाँव में एक किसान परिवार में एक बच्चे का जन्म हुआ। नाम रखा गया — नीलम संजीव रेड्डी। कौन जानता था कि यही बच्चा एक दिन देश का सबसे कम उम्र का राष्ट्रपति बनेगा।

रेड्डी की राजनीतिक यात्रा स्वतंत्रता आंदोलन से शुरू हुई। वो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुए और आज़ादी के बाद आंध्र प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने। इसके बाद वो दो बार लोकसभा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री भी रहे। 1977 में जब जनता पार्टी की लहर में कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई, तब रेड्डी को राष्ट्रपति बनने का मौका मिला। वो भारत के छठे राष्ट्रपति बने और एकमात्र ऐसे राष्ट्रपति हैं जो बिना किसी विरोध के चुने गए।

उनका कार्यकाल 1977 से 1982 तक रहा। 1 जून 1996 को उनका निधन हो गया।


असम का 'भाषा शहीद दिवस': जब गोली खाकर भी नहीं झुके बंगाली भाषी

19 मई 1961। असम की बराक घाटी का सिलचर शहर। सड़कों पर हज़ारों लोगों का हुजूम। नारे लग रहे थे — "हमें हमारी भाषा चाहिए।" दरअसल, असम सरकार ने 1960 में एक कानून पास करके असमिया को राज्य की एकमात्र आधिकारिक भाषा घोषित कर दिया था। बराक घाटी के बंगाली भाषी लोगों को ये मंज़ूर नहीं था।

प्रदर्शन बढ़ता गया और 19 मई 1961 को पुलिस ने भीड़ पर गोलियाँ चला दीं। 11 लोग शहीद हो गए — कनैलाल नियोगी, चंदीचरण सूत्रधार, हितेश विश्वास, सत्येंद्र देब, कुमुद रंजन दास, सुनील सरकार, तारणी देबनाथ, सचिंद्र चंद्र पाल, बीरेंद्र सूत्रधार, सुकमाल पुरकायस्थ और कमला भट्टाचार्य।

ये शहादत बेकार नहीं गई। आंदोलन के बाद बराक घाटी में बंगाली को भी आधिकारिक दर्जा मिला। और तब से हर साल 19 मई को असम में 'भाषा शहीद दिवस' मनाया जाता है। इस साल यानी 2026 में इस घटना की 65वीं वर्षगाँठ है।


1743: जब पानी के उबलने और जमने के बीच खिंच गई एक लकीर

ये बात भले ही आम लगे, लेकिन 19 मई 1743 को फ्रांसीसी भौतिक विज्ञानी ज्याँ-पियरे क्रिस्टिन ने वो पैमाना बनाया जिसके बिना आज दुनिया का विज्ञान अधूरा है — सेंटीग्रेड तापमान पैमाना

उन्होंने तय किया कि पानी जिस तापमान पर जमता है, वो 0 डिग्री सेल्सियस होगा और जिस पर उबलता है, वो 100 डिग्री सेल्सियस। आज हर थर्मामीटर, हर मौसम विभाग और हर साइंस लैब इसी पैमाने पर चलती है।


1971: भारतीय नौसेना का पहला पनडुब्बी स्टेशन

19 मई 1971 को भारतीय नौसेना ने विशाखापत्तनम में अपना पहला पनडुब्बी स्टेशन शुरू किया। इसका नाम रखा गया — 'वीर बाहु'। ये भारत की समुद्री ताकत को मज़बूत करने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम था।

उस वक्त शायद ही किसी ने सोचा होगा कि एक दिन भारत के पास परमाणु पनडुब्बियाँ होंगी, लेकिन शुरुआत 'वीर बाहु' से ही हुई थी।


19 मई की और अहम घटनाएँ

  • 1536: इंग्लैंड के राजा हेनरी अष्टम की दूसरी पत्नी ऐन बोलिन को राजद्रोह और व्यभिचार के आरोप में टॉवर ऑफ लंदन में सिर काटकर फाँसी दे दी गई।
  • 1919: मुस्तफा कमाल अतातुर्क सैमसन, तुर्की पहुँचे और तुर्की स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत की। आज भी तुर्की में 19 मई को राष्ट्रीय अवकाश रहता है।
  • 1926: बेनिटो मुसोलिनी ने इटली को फासीवादी राष्ट्र घोषित किया।
  • 1954: भारत सरकार ने राष्ट्रीय फिल्म बोर्ड का गठन किया।
  • 1982: पश्चिम बंगाल, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और केरल में विधानसभा चुनाव हुए।
  • 1992: टेनिस स्टार लिएंडर पेस और हॉकी चैंपियन जगबीर सिंह को अर्जुन पुरस्कार दिया गया।
  • 1999: भारतीय मूल के महेंद्र चौधरी फिजी के प्रधानमंत्री बने।

19 मई को जन्में प्रसिद्ध व्यक्ति

  • 1824 — नाना साहब पेशवा द्वितीय: 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के महानायक, जिन्होंने कानपुर में अंग्रेज़ों को कड़ी टक्कर दी।
  • 1910 — नथूराम गोडसे: महात्मा गाँधी के हत्यारे, जिनका जन्म पुणे ज़िले के बारामती में हुआ था।
  • 1913 — नीलम संजीव रेड्डी: भारत के छठे राष्ट्रपति और आंध्र प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री।
  • 1925 — मैल्कम X: अफ्रीकी-अमेरिकी मानवाधिकार कार्यकर्ता।
  • 1934 — रस्किन बॉण्ड: भारत के चर्चित अंग्रेज़ी लेखक, जिनकी कहानियाँ पहाड़ों की खुशबू से भरी हैं।
  • 1938 — गिरीश कर्नाड: ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता कन्नड़ नाटककार और फिल्म अभिनेता।
  • 1974 — नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी: बॉलीवुड के दमदार अभिनेता, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर ज़िले के बुढ़ाना में हुआ।

19 मई को हुए निधन

  • 1904 — जमशेदजी टाटा: टाटा समूह के संस्थापक और भारतीय उद्योग के जनक।
  • 1958 — सर जदुनाथ सरकार: भारत के प्रसिद्ध इतिहासकार, जिन्होंने मुगलकालीन भारत पर गहन शोध किया।
  • 1979 — हज़ारी प्रसाद द्विवेदी: हिंदी साहित्य के महान उपन्यासकार, निबंधकार और आलोचक।
  • 1997 — शोम्भू मित्र: भारतीय रंगमंच के बेताज बादशाह।
  • 1999 — रमेश तेंदुलकर: मराठी उपन्यासकार और सचिन तेंदुलकर के पिता।

19 मई 2026: आज का दिन क्यों है खास?

इस वर्ष 19 मई 2026 का दिन कई मायनों में खास है। सबसे पहले तो असम की बराक घाटी में भाषा शहीद दिवस की 65वीं वर्षगाँठ है। पूरी बराक घाटी में श्रद्धांजलि कार्यक्रम होंगे।

दूसरा, श्रीलंका में आज राष्ट्रीय युद्ध नायक दिवस मनाया जाएगा। ये दिन 2009 में LTTE के खात्मे के बाद शुरू हुआ था। कोलंबो के बटरमुला स्थित राष्ट्रीय युद्ध नायक स्मारक पर राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके की मौजूदगी में समारोह होगा।[reference:28]

तीसरा, तुर्की में अतातुर्क स्मरण, युवा और खेल दिवस का राष्ट्रीय उत्सव होगा। पूरे देश में परेड और खेल प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी।

चौथा, अमेरिका में हेपेटाइटिस जाँच दिवस है, जो लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करने के लिए मनाया जाता है।


परीक्षार्थियों के लिए विशेष (SSC / UPSC / UPPSC)

नीचे दिए गए सवाल प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं। एक बार ज़रूर याद कर लें:

सवाल: जमशेदजी टाटा का निधन कब हुआ था?
जवाब: 19 मई 1904।

सवाल: नीलम संजीव रेड्डी का जन्म कब हुआ था और वो भारत के कौन से राष्ट्रपति थे?
जवाब: 19 मई 1913 को जन्म, भारत के छठे राष्ट्रपति (1977-1982)।

सवाल: नाना साहब पेशवा द्वितीय का जन्म कब हुआ?
जवाब: 19 मई 1824।

सवाल: असम का 'भाषा शहीद दिवस' कब मनाया जाता है और क्यों?
जवाब: 19 मई, 1961 में बराक घाटी में बंगाली भाषा के लिए शहीद हुए 11 लोगों की याद में।

सवाल: भारतीय नौसेना का पहला पनडुब्बी स्टेशन 'वीर बाहु' कब और कहाँ शुरू हुआ?
जवाब: 19 मई 1971 को विशाखापत्तनम में।

सवाल: सेंटीग्रेड तापमान पैमाना किसने और कब विकसित किया?
जवाब: ज्याँ-पियरे क्रिस्टिन ने 19 मई 1743 को।


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Disclaimer: यह लेख विभिन्न ऐतिहासिक स्रोतों, सरकारी वेबसाइटों और समाचार एजेंसियों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। तथ्यों की पुष्टि के पूर्ण प्रयास किए गए हैं।

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Chitrakoot, Uttar Pradesh

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